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Muni Shabd Roop – मुनि शब्द के रूप संस्कृत में

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हेल्लो दोस्तों शब्दरूप वेबसाइट पर आपका स्वागत है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको मुनि शब्द के रूप (Muni Shabd Roop) के बारे में बताने वाले हैं। अगर आप Muni Shabd Roop हिंदी में अर्थ जानना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही जगह आये हैं क्योंकि हम आपको Muni Shabd Roop के बारे में सारी जानकारी देने वाले हैं।

हमने पिछले आर्टिकल में आपको Lata Shabd Roop के बारे में बताया। अगर आपने हमारा पिछला आर्टिकल नही पढ़ा है तो आप हमारे द्वारा ऊपर दिए गये लिंक पर क्लिक करके हमारे पिछले आर्टिकल को बहुत आसानी से पढ़ सकते हैं।

Muni Shabd Roop के बारे में जनाना आपके लिए बहुत जरुरी है क्योंकि ऐसे प्रश्न अक्सर परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। इसीलिए सभी छात्र छात्राओ को इसके बारे में पता होना चाहिए। आप हमारे द्वारा लिखे इस लेख को अंत तक जरुर पढ़ें क्योकि इस लेख में हमने मुनि शब्द रूप, मुनि शब्द के रूप सातों विभक्ति में हिंदी अर्थ इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं।

Balak Shabd Roop

मुनि शब्द का अर्थ (Muni Shabd Roop)

सबसे पहले हम आपको मुनि शब्द के अर्थ के बारे में बताने जा रहे हैं। हम आपको बता दें की मुनि शब्द का अर्थ ही मुनि होता है मुनि शब्द संस्कृत भाषा का एक शब्द है। यह हिंदी में भी कार्यरत है। मौन मुनि शब्द का पूर्वज है। “मुनि” के लिए संस्कृत “मुनि” (विशार्ग) लगाकर हम इसे लिखते हैं।

मुनि शब्द का अर्थ(Muni Shabd Roop)
मुनि शब्द का अर्थ(Muni Shabd Roop)

मुनि शब्द का परिचय

हमने आपको ऊपर मुनि शब्द का अर्थ बताया और अब हम आपको मुनि शब्द का परिचय देने वाले हैं। संस्कृत में, “मुनि” शब्द का अर्थ “पुलिस” है, अर्थात पैसा एक पुल्लिंग शब्द है। इन प्रत्ययों को जोड़कर बुद्धि शब्द को ऊपर उठाकर मुनि शब्द की रचना की गई है।

मुनि की परिभाषा वह है जो मौन है, वीतराग भैया, या जो अन्य बातों के अलावा क्रोधित नहीं है। इसके अतिरिक्त, यह श्रीमद्भागवत गीता में प्रकट होता है। भगवद गीता एक बुद्धिमान व्यक्ति के निम्नलिखित गुणों को सूचीबद्ध करती है।

मुनि शब्द रूप Muni Shabd Roop

मुनि शब्द रूप– संज्ञा “मुनि” एकवचन और पुल्लिंग है। प्रत्येक निरंतर पुल्लिंग संज्ञा का एक ही शब्द रूप होता है।

कवि, ऋषि, कपि, निधि, रवि, गिरि, अग्नि, जलधि, पयोधि, अरि, मणि, व्याधि, उद्धि, आदि एक पुल्लिंग संज्ञा के उदाहरण हैं। इसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों के शब्द रूप भी बनाए जाएंगे। इस तथ्य के कारण कि वे सभी एकवचन पुरुष संज्ञा हैं।

इकारान्त पुल्लिंग संज्ञा शब्द– एकवचन पुल्लिंग संज्ञा वे होते हैं जिनमें पुल्लिंग होता है और उनके उच्चारण के अंत में ‘ई’ ध्वनि होती है। हमने नीचे शब्द के तीन शब्दों और सभी सात विभक्तियों में मुनि के रूप दिए गए हैं:

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमामुनिःमुनीमुनयः
द्वितीयामुनिम्मुनीमुनीन्
तृतीयामुनिनामुनिभ्याम्मुनिभिः
चतुर्थीमुनयेमुनिभ्याम्मुनिभ्यः
पंचमीमुनेःमुनिभ्याम्मुनिभ्यः
षष्‍ठीमुनेःमुन्योःमुनीनाम्
सप्‍तमीमुनौमुन्योःमुनिषु
सम्बोधनहे मुने!हे मुनी!हे मुनयः!
मुनि शब्द रूप Muni Shabd Roop
मुनि शब्द रूप Muni Shabd Roop

मुनि शब्द के रूपों का वाक्यों में प्रयोग

मुनि शब्द के रूप सातों विभक्ति में एवं तीनों वचनों में, हिंदी अर्थ के साथ वाक्यों में प्रयोग नीचे दिये गये हैं।

प्रथमा

  1. मुनिः यज्ञं करोति।
    मुनि यज्ञ करता है।
  2. मुनी यज्ञं कुरुतः।
    दो मुनी यज्ञ करते हैं।
  3. मुनयः यज्ञं कुर्वन्ति।
    बहुत सारे मुनि यज्ञ करते हैं।

द्वितीया

  1. राजा मुनिं प्रणमति।
    राजा मुनि को प्रणाम करता है।
  2. राजा मुनी प्रणमति।
    राजा (दो) मुनियों को प्रणाम करता है।
  3. राजा मुनीन् प्रणमति।
    राजा मुनियों को प्रणाम कता है।

तृतीया

  1. मुनिना यज्ञः क्रियते।
    मुनि के द्वारा यज्ञ किया जाता है।
  2. मुनिभ्यां यज्ञः क्रियते।
    (दो) मुनियों के द्वारा यज्ञ किया जाता है।
  3. मुनिभिः यज्ञः क्रियते।
    मुनियों के द्वारा यज्ञ किया जाता है।

चतुर्थी

  1. राजा मुनये धेनुं ददाति।
    राजा मुनि को गाय देता है।
  2. राजा मुनिभ्यां धेनुं ददाति।
    राजा दो मुनियों को गाय देता है।
  3. राजा मुनिभ्यः धेनुं ददाति।
    राजा बहुत सारे मुनियों को गाय देता है।

पञ्चमी

  1. राजा मुनेः ज्ञानं गृह्णाति।
    राजा मुनि से ज्ञान लेता है।
  2. राजा मुनिभ्याम् ज्ञानं गृह्णाति।
    राजा दो मुनियों से ज्ञान लेता है।
  3. राजा मुनिभ्यः ज्ञानं गृह्णाति।
    राजा बहुत सारे मुनियों से ज्ञान लेता है।

षष्ठी

  1. एषः मुनेः आश्रमः अस्ति।
    यह मुनि का आश्रम है।
  2. एषः मुन्योः आश्रमः अस्ति।
    यह दो मुनियों का आश्रम है।
  3. एषः मुनीनाम् आश्रमः अस्ति।
    यह बहुत सारे मुनियों का आश्रम है।

सप्तमी

  1. राजा मुनौ विश्वसिति।
    राजा मुनि पर विश्वास करता है।
  2. राजा मुन्योः विश्वसिति।
    राजा दोनों मुनियों पर विश्वास करता है।
  3. राजा मुनिषु विश्वसिति।
    राजा सभी मुनियों पर विश्वास करता है।

संबोधनम्

  1. हे मुने! यज्ञं करोतु।
    हे मुनि! यज्ञ करो।
  2. हे मुनी! यज्ञं करोतु।
    हे दोनों मुनियों! यज्ञ कीजिए।
  3. हे मुनयः! यज्ञं करोतु।
    हे मुनियों! यज्ञ कीजिए।

पूछे गए प्रश्न (FAQs)

प्रश्न- मुनि शब्द के सप्तमी एकवचन का रूप कौन है?

उत्तर- मुनि का बहुवचन क्या होता है? मुनि शब्द का बहुवचन- मुनयः होता है।

प्रश्न- मुनि शब्द के सप्तमी एकवचन का रूप कौन है?

उत्तर- Detailed Solution. मुनि शब्द का षष्ठी विभक्ति – एकवचन में मुनेः रूप बनता है। अतः मुनेः सही उत्तर होगा।

प्रश्न- मुनि का शब्द रूप क्या है?

उत्तर- मुनि में शब्द रूप: संज्ञा “मुनि” केवल पुल्लिंग में प्रयुक्त होती है। प्रत्येक निरंतर पुल्लिंग संज्ञा का एक ही शब्द रूप होता है। कवि, ऋषि, कपि, निधि, रवि, गिरि, अग्नि, जलधि, पयोधि, अरि, मणि, व्याधि, उद्धि, आदि एक पुल्लिंग संज्ञा के उदाहरण हैं। इसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों के शब्द रूप भी बनाए जाएंगे।

प्रश्न- शब्द रूप का प्रयोग कैसे करें?

उत्तर- संज्ञा, सर्वनाम और अन्य शब्दों को बनाने के लिए इन शब्दों पर पहले, दूसरे और अन्य विभक्तियों को लागू किया जाता है। ये शब्द रूप – पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसक, साथ ही विभिन्न एकवचन, दोहरे और बहुवचन रूप – उपयोग किए जाते हैं। इन्हें आमतौर पर शब्द रूप कहा जाता है।

प्रश्न- विभक्ति कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर- प्रथमा, द्वितीया, तृतीया आदि नामक विभाग हैं जिनमें एक, द्विवचन और बहुवचन-तीन शब्द हैं। पाणिनीय व्याकरण में ‘उप’ आदि शब्दों के रूप में इन्हें 27 विभक्तियों के रूप में गिना गया है। संस्कृत व्याकरण में “विभक्ति” शब्द शब्द के एक संशोधित संस्करण को संदर्भित करता है। जिसमें रेमन, रामे आदि शामिल हैं।

Asmad Shabd Roop

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Muni Shabd Roop और मुनि शब्द का परिचय और इसके अर्थ के बारे में विस्तार से बताया। Muni Shabd Roop के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए क्योंकि अक्सर ऐसे प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते हैं।

अब आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़कर Muni Shabd Roop के बारे में जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों में ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। ऐसे hi यूज़ फुल आर्टिकल पाने के लिए हमारी “शब्दरूप” वेबसाइट को हमेशा विजित करते रहें।

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